परिचय
भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक जिले के गढ़ी सांपला-किलोई विधानसभा हलके से कांग्रेस के विधायक हैं। वे मार्च 2005 से अक्टूबर 2014 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे। 29 सितंबर 2025 से वे हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उनके पिता चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा स्वतंत्रता सेनानी थे और 1968 में किलोई से विधायक चुने गए थे।
2024 चुनाव का नतीजा
2024 के विधानसभा चुनाव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को 1,08,539 वोट (72.7%) मिले। दूसरे स्थान पर भाजपा की मंजू हुड्डा रहीं, जिन्हें 37,074 वोट (24.8%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 71,465 वोट रहा। हलके में 66.6% मतदान हुआ। वोट 5 अक्टूबर 2024 को डाले गए और नतीजे 8 अक्टूबर 2024 को आए। 2019 में भी वे यहीं से जीते थे; तब उन्हें 97,755 वोट (65.8%) मिले थे और भाजपा के सतीश नांदल दूसरे स्थान पर रहे थे। 2024 में उनका वोट शेयर बढ़कर 72.7% हो गया।
राजनीतिक सफर
हुड्डा ने युवा कांग्रेस से राजनीति शुरू की और 1982-83 में हरियाणा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। वे रोहतक लोकसभा सीट से चार बार – 1991, 1996, 1998 और 2004 में – सांसद चुने गए और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। 2000 में वे किलोई से विधायक बने और 2000 के दशक की शुरुआत में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। मार्च 2005 में वे मुख्यमंत्री बने और 2009 का चुनाव जीतकर लगातार दूसरा कार्यकाल हासिल किया। 2009 से वे गढ़ी सांपला-किलोई से लगातार जीत रहे हैं। 2019 से 2024 तक वे नेता प्रतिपक्ष रहे और 29 सितंबर 2025 से फिर इस पद पर हैं।
चुनावी हलफनामे की जानकारी
- शिक्षा: स्नातक प्रोफेशनल – एलएल.बी., विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय (1974)
- उम्र: हलफनामे के समय 77 वर्ष
- पेशा: खेती / वकालत / राजनीति
- कुल घोषित संपत्ति: ₹26,49,24,276 (26 करोड़ से अधिक)
- घोषित देनदारी: ₹15,00,000 (15 लाख से अधिक)
- आपराधिक मामले: हलफनामे में 8 आपराधिक मामले घोषित हैं। घोषित मामले का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं है।
गढ़ी सांपला-किलोई विधानसभा हलके के बारे में
गढ़ी सांपला-किलोई (विधानसभा क्षेत्र संख्या 61) रोहतक जिले का हलका है और रोहतक लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां से इस समय दीपेंद्र सिंह हुड्डा (कांग्रेस) सांसद हैं। यह सीट सामान्य (अनारक्षित) है। 2024 में यहां कुल 2,22,273 मतदाता थे। 2009 के परिसीमन से पहले यह हलका किलोई कहलाता था। किलोई से पहले महंत श्रेयोनाथ (1967, 1972), रणबीर सिंह हुड्डा (1968), हरि चंद हुड्डा (1977, 1982) और कृष्ण हुड्डा (1987, 1991, 1996, 2005) विधायक रहे। 2005 के उपचुनाव से यह सीट लगातार भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पास है।
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