परिचय
अनिल विज अंबाला कैंट (क्रमांक 4) से भाजपा के विधायक हैं और नायब सिंह सैनी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनके पास ऊर्जा, परिवहन और श्रम विभाग हैं। 2024 की जीत के साथ वे इस हलके से सातवीं बार विधायक बने।
2024 चुनाव का नतीजा
5 अक्टूबर 2024 को हुए मतदान में अनिल विज को 59,858 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 44.9% है। दूसरे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार चित्रा सरवारा रहीं, जिन्हें 52,581 वोट (39.4%) मिले। इस तरह अनिल विज 7,277 वोटों के अंतर से जीते। हलके में 64.4% मतदान हुआ।
2019 में भी मुख्य मुकाबला इन्हीं दोनों के बीच था। तब अनिल विज ने निर्दलीय चित्रा सरवारा को 20,165 वोटों से हराया था; 2024 में अंतर घटकर 7,277 वोट रह गया।
राजनीतिक सफर
छात्र जीवन में वे एस.डी. कॉलेज, अंबाला कैंट में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े। 1974 में उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी शुरू की। 1990 में सुषमा स्वराज के राज्यसभा जाने से खाली हुई अंबाला कैंट सीट के उपचुनाव में वे पहली बार विधायक बने।
1996 और 2000 में वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते। 2005 में हार के बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 में भाजपा के टिकट पर लगातार जीतते रहे। 2014 से 2024 तक मनोहर लाल सरकार में वे कैबिनेट मंत्री रहे और स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा 2019 के बाद गृह, शहरी विकास और तकनीकी शिक्षा जैसे विभाग संभाले।
चुनावी हलफनामे की जानकारी
चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे के अनुसार:
- शिक्षा: स्नातक – एस.डी. कॉलेज, अंबाला कैंट (पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) से 1972 में बी.एससी.
- उम्र: हलफनामे के समय 71 वर्ष
- पेशा (स्वयं): विधायक, हरियाणा
- कुल घोषित संपत्ति: ₹1,49,51,989 (लगभग ₹1.5 करोड़)
- घोषित देनदारी: कोई देनदारी घोषित नहीं
- आपराधिक मामले: हलफनामे में कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं है।
अंबाला कैंट विधानसभा हलके के बारे में
अंबाला कैंट (विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4) अंबाला जिले में है और अंबाला लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां से इस समय कांग्रेस के वरुण चौधरी सांसद हैं। यह सामान्य (अनारक्षित) सीट है। 2024 के चुनाव में यहां 2,04,314 पंजीकृत मतदाता थे।
इस सीट से सुषमा स्वराज 1977 (जनता पार्टी) और 1987 (भाजपा) में विधायक चुनी गई थीं। 1991 में कांग्रेस के बृज आनंद और 2005 में कांग्रेस के देवेंद्र कुमार बंसल जीते। 1990 के उपचुनाव के बाद से ज्यादातर समय यह सीट अनिल विज के पास रही है।
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